मसाज और वह भी चिपचिपाती गर्मियों में | अब इससे पहले आप इस बात पर चौंकें या नाक भौं सिकोड़ना शुरू करें, हम आपको बताते हैं इससे कितने हैं फायदे –
सर्दियों की सुरमई शामें विदा ले चुकी है और गर्मियों का मौसम बाहें फैलाए आगे बढ़ रहा है| अब गर्म कपड़ो के बोझ से जो निजात मिली तो जी चाह रहा है कि मनपसंद हल्के-फुल्के कपड़ो में तितली की तरह उड़ते जाए | मगर यह क्या! शरीर कुछ थका-थका, निढाल-सा! बिना कुछ किए ही छाई हुई सुस्ती सारे उत्साह को खत्म कर देता है | पर यदि ऐसे में मसाज ली जाए तो तन-मन में ताजगी आ जाती है| अब अगर ऐसे में चाहिए तन-मन में ताजगी, तो उसका सबसे बढ़कर उपाय है मसाज|
हर मौसम में है फायदेमंद मसाज Benefits of Massage In Every Season
मसाज को लेकर ज़्यादातर लोगो का मानना यह है कि मसाज सिर्फ सर्दियों में ही ज्यादा लाभ पहुँचती है और गर्मियों में तो इसकी कल्पना करना मुश्किल है | झुलसाती गर्मियाँ और उस पर तेल का चिपचिपापन! सच तो यह है कि यह सिर्फ ऊपरी और गलत तस्वीर है | मसाज थेरैपी, सुंदरता और स्वास्थ्य निखारने का एक ऐसा जरिया है, जो हर मौसम में लाभ पहुंचता है, क्योकि मसाज आधारित है टच थेरैपी, यानि स्पर्श चिकित्सा पर | हर मौसम का अपना एक अलग मिजाज होता है |
हमारा शरीर अगर पूरी तरह फिट है, तो वह स्वाभाविक रूप से इस बदलाव के अनुसार ढल जाता है, मगर आज की तनाव और थकान भरी जीवनशैली, काम का बोझ, अनियमित व असंतुलित खानपान ने मिलकर हमारी इस स्वाभाविक शक्ति को कमजोर कर दिया है| इसलिए, आज लोग मौसम की शुरुआत और अंत में ऐसी समस्याओं से जूझते नजर आते है|
अब अगर हम गर्मियों की ही बात करे, तो ज़्यादातर लोगो को इम्यून सिस्टम अंदर से इतना कमजोर हो चुका है कि वे जरा-सी गर्मी भी सहन नहीं कर पाते | इस मौसम में वे कई तरह की तकलीफ़े झेलते रहते है, जैसे- बेचैनी महसूस होते रहना, नींद न आना,, भूख न लगना, लगातार थकान रहना, सिरदर्द रहना वगैरह| अब जब शरीर अंदर से ऐसी समस्याओ से जूझ रहा हो तो क्या चेहरे पर रौनक दिखेगी?
मसाज गर्मियों में है और जरूरी Massage Is very Important In Summer Season
मसाज की जरूरत गर्मियों में और ज्यादा इसलिए भी हो जाती है, क्योकि ऋतु परिवर्तन के समय शरीर में मौजूद विकारो को अगर ठीक न किया जाए तो यह गर्मियों के दौरान कई समस्याओं को बढ़ा सकता है | इसके अलावा गर्मियों में हमारे शरीर की ऊर्जा शक्ति पसीने और बाहरी वातावरण के ताप से काफी कमजोर हो जाती है | मसाज से इसमे भी राहत मिलती है और ऊर्जा शक्ति बढ़ती है |
मसाज से न सिर्फ शरीर को गहराई तक आराम मिलता है, बल्कि संवेदनाएँ भी जागृत होती है | तेज रक्त संचार से शरीर में मौजूद विषाणु पसीने और मूत्र के रूप में बाहर आ जाते है | इसके अलावा शरीर का अतिरिक्त ताप भी कम होता है, जिससे पित्त नहीं बनता | यह गर्मियों में ज़्यादातर लोगों की अनेक परेशानियों का कारण होता है, इसलिए इसमे दोहरा फायदा पहुंचाता है | अंदर से रक्तसंचार तेज करके सभी विषैले तत्व शरीर से बाहर निकाल जाते है और बाहर से शरीर की मृत त्वचा भी साफ होती है, जिससे शरीर की चमक और नैसर्गिकता बढ़ती है |
अब अगर हम गर्मियों की ही बात करे, तो ज़्यादातर लोगो को इम्यून सिस्टम अंदर से इतना कमजोर हो चुका है कि वे जरा-सी गर्मी भी सहन नहीं कर पाते | इस मौसम में वे कई तरह की तकलीफ़े झेलते रहते है, जैसे- बेचैनी महसूस होते रहना, नींद न आना,, भूख न लगना, लगातार थकान रहना, सिरदर्द रहना वगैरह| अब जब शरीर अंदर से ऐसी समस्याओ से जूझ रहा हो तो क्या चेहरे पर रौनक दिखेगी?
मसाज गर्मियों में है और जरूरी Massage Is very Important In Summer Season
मसाज की जरूरत गर्मियों में और ज्यादा इसलिए भी हो जाती है, क्योकि ऋतु परिवर्तन के समय शरीर में मौजूद विकारो को अगर ठीक न किया जाए तो यह गर्मियों के दौरान कई समस्याओं को बढ़ा सकता है | इसके अलावा गर्मियों में हमारे शरीर की ऊर्जा शक्ति पसीने और बाहरी वातावरण के ताप से काफी कमजोर हो जाती है | मसाज से इसमे भी राहत मिलती है और ऊर्जा शक्ति बढ़ती है |
मसाज से न सिर्फ शरीर को गहराई तक आराम मिलता है, बल्कि संवेदनाएँ भी जागृत होती है | तेज रक्त संचार से शरीर में मौजूद विषाणु पसीने और मूत्र के रूप में बाहर आ जाते है | इसके अलावा शरीर का अतिरिक्त ताप भी कम होता है, जिससे पित्त नहीं बनता | यह गर्मियों में ज़्यादातर लोगों की अनेक परेशानियों का कारण होता है, इसलिए इसमे दोहरा फायदा पहुंचाता है | अंदर से रक्तसंचार तेज करके सभी विषैले तत्व शरीर से बाहर निकाल जाते है और बाहर से शरीर की मृत त्वचा भी साफ होती है, जिससे शरीर की चमक और नैसर्गिकता बढ़ती है |
No comments:
Post a Comment